कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने नगर विकास की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
पेयजल, यातायात और हसिया नदी फ्रंट विकास पर दिए अहम निर्देश
एमसीबी/13 मई 2026/
जिले में नगरीय विकास को नई दिशा देने और आम नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने आज नगर क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेयजल व्यवस्था, यातायात सुधार, शहरी अधोसंरचना, स्वच्छता प्रबंधन एवं भविष्य की विकास योजनाओं का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत शहर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से हुई, जहां कलेक्टर ने पेयजल शोधन प्रक्रिया, जल गुणवत्ता परीक्षण, वितरण प्रणाली एवं जलापूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। साथ ही जल गुणवत्ता मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए।

इसके पश्चात कलेक्टर ने नगर की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भूपेंद्र क्लब एवं एसडब्ल्यूसी गोदाम की भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने, पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, सड़क विस्तार एवं सुव्यवस्थित परिवहन तंत्र तैयार करने की संभावनाओं पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि उपलब्ध भूमि का समुचित एवं जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित करते हुए नागरिक सुविधा केंद्रित प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिससे भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम एवं व्यवस्थित हो सके।

निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने एसआरएलएम सेंटर पहुंचकर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वरोजगार एवं महिला समूहों से संबंधित योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए, ताकि स्थानीय हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
शहर की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने प्रस्तावित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) हेतु चिन्हित भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे नगर के लिए आधुनिक सीवेज प्रबंधन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। गंदे पानी के समुचित उपचार एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में नगर क्षेत्र को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहायता मिल सके।
निरीक्षण का प्रमुख केंद्र हसिया नदी फ्रंट क्षेत्र भी रहा, जहां कलेक्टर ने क्षेत्र को आकर्षक एवं जनउपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने हसिया नदी फ्रंट पर वॉकिंग ट्रैक, सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण कार्य एवं नागरिक सुविधाओं के विकास को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।
इसके साथ ही हसिया एवं हसदेव नदी के संगम क्षेत्र को पर्यटन एवं मनोरंजन की दृष्टि से विकसित करने के लिए विस्तृत सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में नगर को नई पहचान देने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगी तथा नागरिकों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेंद्रगढ़, मुख्य नगरपालिका अधिकारी मनेंद्रगढ़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विकास कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नगर विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए तथा आम नागरिकों को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए।
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