
मनेन्द्रगढ़ की राजनीति में हलचल:
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत का राजकुमार केसरवानी निवास पर विशेष दौरा
मनेन्द्रगढ़ की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत का पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केसरवानी के निवास पर विशेष आमंत्रण पर आगमन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव और कांग्रेस संगठन की अंदरूनी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व राजकुमार केसरवानी के छोटे भाई के विवाह समारोह में क्षेत्र के कई छोटे-बड़े राजनीतिक चेहरे, सामाजिक प्रतिनिधि और प्रभावशाली हस्तियां शामिल हुई थीं। इस आयोजन ने पहले ही मनेन्द्रगढ़ की राजनीतिक फिजा को गर्म कर दिया था, वहीं अब डॉ. चरण दास महंत का विशेष रूप से केसरवानी निवास पहुंचना कई नए राजनीतिक संकेत दे रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दौरा केवल सामाजिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे भविष्य की राजनीतिक रणनीति भी देखी जा रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि राजकुमार केसरवानी आने वाले समय में मनेन्द्रगढ़ विधानसभा से कांग्रेस के मजबूत दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी और संगठन में पकड़ को देखते हुए उनके नाम की चर्चा लगातार बढ़ रही है।

सूत्रों के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से टिकट की दौड़ में कई नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इनमें विनय जायसवाल, वकील रमेश सिंह, डमरू रेड्डी, अशोक श्रीवास्तव, विनय उपाध्याय और राजकुमार केसरवानी का नाम प्रमुख रूप से लिया जा रहा है। सभी संभावित दावेदार अपने-अपने स्तर पर संगठन और जनता के बीच सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
इसी बीच कांग्रेस के अंदर एक सकारात्मक संदेश भी निकलकर सामने आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के कई दावेदार आपसी समन्वय और एकजुटता की रणनीति पर काम कर रहे हैं। चर्चा है कि टिकट जिसे भी मिले, सभी नेता मिलकर उसका समर्थन करेंगे ताकि पार्टी को मजबूती मिले और विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
ऐसे राजनीतिक माहौल में डॉ. चरण दास महंत का राजकुमार केसरवानी के घर पहुंचना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे एक तरफ जहां राजकुमार केसरवानी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का संकेत माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में चल रहे संभावित मतभेदों को समाप्त करने और संगठन को एकजुट करने की दिशा में भी इसे अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजरें इस विशेष मुलाकात और उसके बाद क्षेत्र की राजनीति में होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। मनेन्द्रगढ़ की राजनीति में यह दौरा आने वाले समय में नया समीकरण तैयार करेगा या फिर संगठनात्मक एकता को नई मजबूती देगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
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