नेशनल हाईवे 30 पर ट्रेलर चालक की पिटाई का वीडियो वायरल, पुलिस पर उठे सवाल
चारामा थाना क्षेत्र में हुई घटना, SDOP ने जांच के दिए आदेश
छग कांकेर।
नेशनल हाईवे 30 पर रविवार दोपहर एक बड़ी घटना घटित हुई, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केशकाल घाट में एक ट्रेलर ने बस को पीछे से ठोकर मार दी, जिसके बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब 50 किलोमीटर तक पीछा कर ट्रेलर को चारामा के पास रोका। लेकिन इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पुलिस पर मॉब लिंचिंग जैसे गंभीर आरोपों को जन्म दे दिया।

सड़क पर हुई बेरहमी से पिटाई
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, जैसे ही ट्रेलर को रोका गया, लोगों ने ट्रेलर में चढ़कर चालक की पिटाई शुरू कर दी। चारामा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और चालक को ट्रेलर से नीचे उतारते ही थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग चालक को बेरहमी से पीटते नजर आए। एक वीडियो में दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी चालक के बाल पकड़कर उसे सड़क पर घसीट रहा है, वहीं कुछ लोग उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारते भी देखे जा सकते हैं।
वीडियो वायरल, पुलिस पर उठे सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चालक चीख-चीखकर रहम की भीख मांग रहा है, लेकिन किसी को उस पर तरस नहीं आ रहा। इस मामले को लेकर पुलिस पर मॉबलिचिंग का आरोप लग रहा है।
चालक नहीं था नशे में, डर के मारे भागा था
सूत्रों के अनुसार, ट्रेलर चालक नशे में नहीं था। बस के पिछले हिस्से से ट्रेलर की मामूली टक्कर हुई थी, जिससे घबरा कर वह वाहन समेत मौके से भाग निकला। जानकारों का कहना है कि यदि वह ट्रेलर रोक कर अपनी गलती मान लेता, तो शायद इतना बड़ा विवाद न होता।
पुलिस विभाग ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए कांकेर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। SDOP मोहसिन खान ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है, और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब कानून के रखवाले ही भीड़ का हिस्सा बन जाएं, तो न्याय और मानवता दोनों पर खतरा मंडराने लगता है।
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