तीन कार्यकाल, सरकारें बदलीं… मगर अधूरा ही रह गया स्विमिंग पूल!
नगर पालिका की घोर लापरवाही, अधूरे निर्माण में हर पल मंडरा रहा है खतरा
*🌎विश्व संवाद न्यूज़ नेटवर्क📡*
मनेन्द्रगढ़ MCB
नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ द्वारा वर्षों पहले प्रस्तावित और निर्माणाधीन स्विमिंग पूल आज भी अधूरा पड़ा है। यह परियोजना तीन कार्यकालों से अधूरी है और अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस दौरान नगर पालिका के अध्यक्ष कई बार बदले, शासन बदला, पर स्विमिंग पूल की किस्मत नहीं बदली।
वर्षों पुरानी योजना, अधूरा सपना
इस स्विमिंग पूल का निर्माण कार्य नगर पालिका के तत्कालीन अध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा के कार्यकाल में शुरू हुआ था। उस समय उम्मीद थी कि शहर को जल्द ही एक अत्याधुनिक स्विमिंग सुविधा मिलेगी। लेकिन पटवा के बाद राजकुमार केसरवानी अध्यक्ष बने, फिर श्रीमती प्रभा पटेल ने कार्यभार संभाला और अब वर्तमान में श्रीमती प्रतिमा यादव नगर पालिका अध्यक्ष हैं। बावजूद इसके, स्थिति वर्षों से जस की तस बनी हुई है।

बना जानलेवा गड्ढा!
अधूरे पड़े इस स्विमिंग पूल में अब बारिश का पानी भर चुका है, जिससे यह एक जानलेवा गड्ढे में तब्दील हो गया है। सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों को है जो आसपास खेलते रहते हैं। यह पूल अब दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है। स्थानीय लोगों में भय और नाराज़गी दोनों है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।

नहीं है कोई सुरक्षा व्यवस्था
स्विमिंग पूल के चारों ओर न तो कोई बाउंड्री वॉल है, न सुरक्षा गार्ड, न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। यह लापरवाही एक संभावित त्रासदी का संकेत दे रही है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को हादसे का इंतजार है, तभी शायद कोई कार्रवाई होगी।
जनता में आक्रोश, प्रशासन मौन
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका की इस घोर उदासीनता पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वर्षों से एक स्विमिंग पूल तक नहीं बन पाया।
सवाल यही है:
क्या नगर पालिका को किसी हादसे का इंतजार है?
कब तक जनता इस तरह की लापरवाही का शिकार होती रहेगी?
और आखिर कौन लेगा इस अधूरी योजना की जवाबदेही?
अब देखना होगा कि नगर पालिका इस मुद्दे को कब संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्यवाही करती है, या फिर यह अधूरा स्विमिंग पूल आने वाले समय में किसी बड़े हादसे की वजह बनता है।
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