तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ स्टेट डेंटल कॉन्फ्रेंस सम्पन्न
डॉ. विनय शंकर सिंह ने आयुष्मान भारत योजना में डेंटल ट्रीटमेंट को शामिल करने की राखी माँग।
रायपुर/मनेन्द्रगढ़।
राजधानी रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ स्टेट डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 रविवार को सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। राज्यभर से दंत चिकित्सकों ने इसमें शिरकत की और दंत चिकित्सा के सामने मौजूद चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सम्मेलन में आशा डेंटल केयर मनेन्द्रगढ़ के संचालक दंत चिकित्सक डॉ. विनय शंकर सिंह ने आयुष्मान भारत योजना में डेंटल ट्रीटमेंट को शामिल करने की पुरजोर माँग रखी। उन्होंने कहा कि इंडियन डेंटल एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ लंबे समय से इस विषय पर सरकार से आग्रह करता आ रहा है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

डॉ. सिंह ने सवाल उठाया कि –
“कुछेक डेंटल डॉक्टरों द्वारा स्मार्ट कार्ड से इलाज में गड़बड़ी किए जाने के कारण क्या पूरे प्रदेश के दंत चिकित्सकों और आम जनता को इसकी सज़ा भुगतनी चाहिए? जब गर्भाशय कांड और आंखफोड़वा कांड जैसी गंभीर घटनाएं होने के बावजूद प्राइवेट अस्पतालों से आयुष्मान योजना नहीं हटाई गई, तो फिर डेंटल ट्रीटमेंट को लेकर अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है?”

उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के अधिकांश सरकारी अस्पतालों और डेंटल कॉलेजों में दांत लगाना, कैप लगाना या इम्प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में डेंटल ट्रीटमेंट आम जनता की पहुंच से बाहर हो गया है। आम लोग मजबूरीवश महंगे प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लेने को विवश हैं।
सम्मेलन के दौरान यह उम्मीद की जा रही थी कि मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत डेंटल ट्रीटमेंट को प्राइवेट क्लीनिकों के माध्यम से जनता तक पहुँचाने की घोषणा करेंगे, लेकिन फिलहाल सरकार ने केवल समिति में विचार करने का आश्वासन दिया।
इसी बीच प्रदेशभर में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के कर्मचारी भाजपा सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। एनएचएम में कार्यरत दंत चिकित्सक भी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं, मगर अब तक उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला है।
डॉ. सिंह ने कहा –
“यह मुद्दा केवल डॉक्टरों का नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुलभ इलाज से जुड़ा है। सरकार को आम लोगों को राहत पहुँचाने के लिए डेंटल ट्रीटमेंट को आयुष्मान योजना में शीघ्र शामिल करना चाहिए और एनएचएम कर्मचारियों की माँगों पर भी ठोस निर्णय लेना चाहिए।”
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