“ डॉ. रश्मि बोलीं – अस्पताल चमक रहा है, धर्मपाल बोले – मरीज भटक रहा है!”
सिविल अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है — जनता बनाम जनप्रतिनिधि की नजर का फर्क।
एमसीबी/ मनेंद्रगढ़
भारतीय जनता पार्टी की जिम्मेदार और दबंग नेत्री डॉ. रश्मि सोनकर ने आज मनेन्द्रगढ़ सिविल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया और खुलकर तारीफ की।
उन्होंने कहा —
> “अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के नेतृत्व में अस्पताल में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। जहां पहले बदबू आती थी, अब वहां स्वच्छता की महक है। रोजाना तीन बार सफाई हो रही है, हर रविवार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सामान्य और सिजेरियन डिलीवरी अब नियमित हैं, रेफरल केसों में भी भारी कमी आई है। अब अस्पताल वाकई फाइव स्टार सुविधा जैसा लग रहा है।”

लेकिन वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थित सरपंच धर्मपाल सिंह टेकाम ने सोशल मीडिया पर अस्पताल की व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष किया।

उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा —
> “जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ का सरकारी हॉस्पिटल अब इलाज़ का नहीं, रेफर सेंटर बन गया है। गरीब मजदूर इलाज के लिए जाते हैं, पर उन्हें वहां सिर्फ ‘रेफर’ की पर्ची मिलती है। यह मनेन्द्रगढ़ जिला का दुर्भाग्य है।”
अब सवाल यह उठता है कि —
क्या अस्पताल वाकई ‘फाइव स्टार’ हो गया है या फिर ‘रेफरल सेंटर’ की हकीकत को चमकदार रिपोर्टों के नीचे दबाया जा रहा है?
जनता कह रही है –
“अगर अस्पताल इतना बेहतर है, तो मरीज बाहर क्यों जा रहे हैं?”
प्रशासन कह रहा है – “सुविधाएं सुधरी हैं, मरीज संतुष्ट हैं।”
और अब यह चर्चा पूरे जिले में — “कौन बोले सच, कौन करे दिखावा?”
मनेन्द्रगढ़ सिविल हॉस्पिटल फिलहाल तारीफों और तंज़ के बीच फंसा नजर आ रहा है — एक तरफ स्वच्छता की महक, दूसरी तरफ शिकायतों की सच्चाई।
![]()
