मनेंद्रगढ़ फिर भालू के हमले से दहला – SDM ऑफिस का बाबू अश्वनी भगत घायल
वन विभाग ने लगाया पिंजरा,
मनेंद्रगढ़।
शहर में भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन लोगों पर हमले की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। ताजा मामला शनिवार का है जब SDM कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी अश्वनी भगत पर भालू ने हमला कर दिया। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल मनेंद्रगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए SDM लिंगराज सिदार स्वयं अस्पताल पहुंचे और घायल कर्मचारी का हालचाल जाना।

अश्विनी भगत ने बताया कि वे आज सुबह लगभग 5 बजे बिलासपुर से ट्रेन द्वारा मनेंद्रगढ़ पहुंचे। स्टेशन से वे पैदल ही अपने घर वार्ड नंबर 15, बदन सिंह मोहल्ला जा रहे थे। जब वे सेंट जोसेफ स्कूल के ठीक सामने पहुँचे, तभी सड़क पर एक मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ विचरण करते हुए दिखाई दी। अचानक भालू ने अश्विनी भगत पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान अश्विनी भगत ने जोर-जोर से “बचाओ-बचाओ” चिल्लाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस बीच भालू अपने बच्चों के साथ पास ही स्थित धर्मेंद्र पटवा के घर की ओर बढ़ गई। इसी दौरान घायल अश्विनी भगत किसी तरह कॉलेज की ओर भागते हुए अपनी जान बचाकर दौड़ पड़े।
घटना के समय सड़क से एक मोटरसाइकिल पर दो युवक गुजर रहे थे, जिनसे अश्विनी भगत ने मदद मांगी। युवकों ने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज जारी है

शहर के बीचोंबीच डेरा जमाए बैठा है भालू
स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि भालू शहर के बीचोंबीच डेरा जमाए बैठा है। कई बार लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा
शनिवार को सामने आए वीडियो में साफ दिखाई देता है कि शहर के बीचोंबीच भालू तेजी से दौड़ता हुआ नजर आ रहा है। अचानक आबादी क्षेत्र में भालू के घूमने से लोगों में डर का माहौल है।
कुछ दिनों पहले ही वन विभाग ने एक भालू को पिंजरे में कैद कर पास के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया था। लेकिन अब दूसरे भालू की सक्रियता ने प्रशासन और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को राहत देने के लिए विभाग ने नया पिंजरा लगाया है ताकि इस भालू को भी पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके।
स्थानीय लोग लगातार अपील कर रहे हैं कि भालू के देखे जाने पर आसपास न भटके और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें।
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