जिला शिक्षा कार्यालय में महिला कर्मचारी के साथ अभद्रता — कलेक्टर से की न्यायिक कार्यवाही की मांग
मनेंद्रगढ़ (एमसीबी):
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़) में पदस्थ महिला कर्मचारी (आविवासी) ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर एक कर्मचारी पर अभद्रता और महिला सम्मान की अवहेलना का गंभीर आरोप लगाया है।
महिला कर्मचारी ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को उन्होंने पुरुष कर्मचारी की पानी की बोतल को जिला शिक्षा अधिकारी को भोजन के समय पीने के लिए दे दिया था। इसी बात को लेकर पुरुष कर्मचारी ने पूरे कार्यालय के सामने बेहद अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे एक महिला के सम्मान को ठेस पहुंची।
आवेदन में आगे उल्लेख है कि यह पहली बार नहीं है जब पुरुष कर्मचारी ने इस तरह का व्यवहार किया हो। महिला कर्मचारी ने कहा कि,
> “पूर्व में भी कई बार उन्होंने मुझसे और अन्य महिला कर्मचारियों से अभद्र भाषा में बात की है। जब हम विरोध करते हैं तो वह यह कहकर दबाव बनाते हैं कि ‘मेरे कलेक्टर साहब से अच्छे संबंध हैं, मैं तुम्हारे खिलाफ कार्यवाही करवा दूंगा।’”

महिला कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में ईमानदारी पूर्वक कार्यरत हैं, लेकिन एक महिला के रूप में बार-बार इस प्रकार के व्यवहार से वह अत्यंत मानसिक पीड़ा और अपमान महसूस कर रही हैं।
उन्होंने जिला कलेक्टर से तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी महिला कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार न दोहराया जाए।
प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी को भी भेजी गई है, जिससे पूरे मामले की जानकारी विभाग को भी रहे।
कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय में महिला सम्मान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
एक महिला कर्मचारी का यह बयान प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है कि क्या वास्तव में महिला सम्मान की बात केवल कागज़ों तक सीमित है, या फिर उस पर अमल भी होता है?
वहीं दूसरी तरफ पुरुष कर्मचारी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताया, उन्होंने कहा अपना कि मैंभी अपना पक्ष जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष रख दिया है उनके द्वारा मामले की जांच की जाएगी।
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