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स्वास्थ्य विभाग मौन – जनता की जान से खिलवाड़, जिम्मेदार कौन? गुलाब कमरो
MCB जनकपुर
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती हालत ने एक बार फिर सरकार और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभाग घोटालों का अड्डा बन गया है।

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सीजीएमएससी के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्रों तक भेजी जा रही चिकित्सा सामग्री और ऑपरेशन टूल्स की गुणवत्ता बेहद खराब है। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार इन खामियों की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभाग पूरी तरह चुप है। सवाल उठता है कि इस चुप्पी के पीछे आखिर कौन-सी ताकतें सक्रिय हैं?
जनकपुर दौरे में उजागर हुई खामियां
DNS सलाइन मामले की शिकायत पर गुलाब कमरों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों से सीधे मुलाकात कर हालात की जानकारी ली।
जानकारी के मुताबिक, पिछले वर्ष आए 2000 यूनिट DNS/RLS में से 1115 यूनिट वापस कर दी गई थी, लेकिन इन्हीं में से 984 यूनिट इस वर्ष फिर से हॉस्पिटल भेज दिए गए।
984 यूनिट में से 900 यूनिट मरीजों को लगा दिए गए।
इन सलाइन के इस्तेमाल से मरीजों में कंपकपी और अन्य दिक्कतें सामने आईं।
गुलाब कमरों ने आईसो प्लस, RL और DNS सलाइन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।
राज्यभर से चिंताजनक रिपोर्टें
महासमुंद मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में जंग लगे व खराब सर्जिकल ब्लेड पाए गए।
90 से अधिक बैच की दवाओं पर शिकायतें, कई टैबलेट्स पर फंगस जमा मिला।
पैरासिटामोल जैसी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दवा भी खराब पाई गई।
सप्लाई करने वाली कंपनी – 9 एम इंडिया लिमिटेड – के खिलाफ लगातार शिकायतें।
गंभीर आरोप – बिना परीक्षण भेजी जा रही दवाएं
पूर्व विधायक का कहना है कि प्रदेशभर के सभी सरकारी अस्पतालों में बिना परीक्षण की गई, निम्न-स्तरीय दवाएं और सर्जिकल सामग्री सप्लाई हो रही हैं। यह प्रदेश की जनता की जान के साथ खुला खिलवाड़ है।
टेंडर प्रक्रिया और जिम्मेदारी पर सवाल
क्या ऐसी कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा या फिर यह खतरनाक खेल यूं ही चलता रहेगा?
क्या स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, या फिर मिलीभगत के चलते जनता को जोखिम में डालते रहेंगे?
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