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स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम सहित जिले भर में पालक-शिक्षक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न
बच्चों के समग्र विकास को लेकर सकारात्मक संवाद
मनेंद्रगढ़/MCB
MCB जिले भर के आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में आज पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया, जिसमें शिक्षकों, पालकों और शिक्षा अधिकारियों ने बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार, सुरक्षा एवं समग्र विकास पर खुलकर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और स्कूल जीवन से जोड़ना था, जिससे एक सहयोगी वातावरण तैयार हो सके।
शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश
बैठक में शिक्षकों ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को पढ़ाई के लिए एक अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसमें घर का वातावरण शांत, स्वच्छ और सकारात्मक होना चाहिए। बच्चों के अध्ययन कक्ष में उचित प्रकाश, समय सारणी, और शारीरिक जरूरतों की व्यवस्था जरूरी बताई गई।

बेझिझक सवाल करने की प्रेरणा
बच्चों को बेझिझक सवाल पूछने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि घर और स्कूल में ऐसा माहौल बनाएं जिसमें बच्चा निर्भीक होकर अपने विचार रख सके और शिक्षकों द्वारा उसे प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन मिले।
मध्यान भोजन, सामाजिकता और पोषण पर बल
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि स्कूलों में नेता भोज जैसे आयोजनों से बच्चों में सामाजिक समरसता और पौष्टिक आहार की आदतें विकसित होती हैं। इससे बच्चों के स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार में सुधार होता है।
छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी
SC, ST, OBC वर्ग के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षकों ने पालकों को सलाह दी कि जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र समय रहते बनवाकर रखें ताकि छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिल सके। यदि फॉर्म स्कूल से उपलब्ध न हो तो विकासखंड शिक्षा कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।

डिजिटल शिक्षा के अवसर
घर में पढ़ाई के लिए दीक्षा एप और NDL डिजिटल लाइब्रेरी जैसे शैक्षणिक प्लेटफार्मों की उपयोगिता पर जोर दिया गया। इन माध्यमों से बच्चों को विषयों की जानकारी वीडियो और डिजिटल किताबों के रूप में आसानी से मिल सकती है।
विचारों का आदान-प्रदान और संवाद जरूरी
शिक्षकों ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों से नियमित बातचीत करें, स्कूल और पढ़ाई से संबंधित जानकारी लें। किसी भी प्रकार की समस्या हो तो विद्यालय से संपर्क करें और शिक्षक से खुलकर चर्चा करें।
लैंगिक अपराधों के प्रति सतर्कता
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों से उनके अनुभव पूछते रहें। किसी भी प्रकार की असामान्यता दिखने पर तुरंत शिक्षक या प्रशासन से संपर्क करें। पॉक्सो एक्ट की जानकारी भी दी गई और बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर उचित कानूनी कदम उठाया जा सकता है।
शिक्षा अधिकारियों ने रखे अपने विचार
पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरीश कुरचनिया
ने कहा, “पहले पालक शिक्षक बैठकें नहीं होती थीं, जिससे बच्चों की समस्याएं सामने नहीं आ पाती थीं, पर अब यह संवाद एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव हुआ है।”
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र पांडे
अभिभावकों को बच्चों की समय सारणी का पालन कराने और अनुशासन विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को डांटना नहीं, समझाना जरूरी है।
जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मीरे
ने कहा कि कई बार कुछ पालक मीटिंग में उपस्थित नहीं हो पाते, ऐसे में वे शनिवार या छुट्टी के दिन शिक्षकों से संपर्क कर सकते हैं ताकि छात्र के हित में कोई बाधा न आए।
अभिभावकों की सकारात्मक भागीदारी
अभिभावकों ने शिक्षकों की मेहनत और विद्यालय में मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सराहना की। उन्होंने स्कूल के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, बच्चों की सुरक्षा, स्कूल बाउंड्री, और सड़क सुरक्षा को लेकर भी सुझाव दिए।
बच्चों के स्कूल से आने-जाने के दौरान हाईवे पर ट्रैफिक के खतरे को देखते हुए स्कूल के पास ट्रैफिक नियंत्रण और बस सुविधा की मांग भी रखी गई। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन से संपर्क कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस बैठक ने शिक्षक, पालक और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय और संवाद को मजबूती दी है। इससे न केवल बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में भी सहायता मिलेगी। पालक-शिक्षक संवाद के इस सकारात्मक प्रयास को पूरे जिले में सराहा जा रहा है।
📍 रिपोर्ट: विश्व संवाद न्यूज़ नेटवर्क
✍️ रविंद्र कुमार सोनी


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