खोंगापानी नगरपंचायत में भारी भ्रष्टाचार की आशंका – 4
वर्षों से कोटेशन के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट!कलेक्टर से जांच की मांग, मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
एमसीबी।
नगरपंचायत खोंगापानी में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिक कमलभान चौधरी ने कलेक्टर एमसीबी को एक लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि दिनांक 10 अगस्त 2021 से लेकर 13 अक्टूबर 2025 तक नगरपंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) एवं उप अभियंता द्वारा कोटेशन के माध्यम से योजनाओं और सामग्रियों की खरीद में भारी वित्तीय अनियमितता की गई है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में लिखा है कि चार वर्षों के दौरान नगरपंचायत में कोटेशन प्रक्रिया को केवल औपचारिकता के रूप में इस्तेमाल कर लाखों रुपये के सरकारी धन का गबन किया गया। बताया जा रहा है कि फर्जी बिल, मनमाने दरों पर खरीददारी और मनचाही एजेंसियों को ठेके देने जैसे कई गंभीर आरोप इसमें शामिल हैं।

कुर्सियों की खरीद पर भी उठे सवाल
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि नगरपंचायत में कुर्सियों (सिटिंग चेयर) की खरीद पर भी बड़ी रकम खर्च दिखाई गई है, जबकि बाजार दरों की तुलना में भुगतान की गई राशि संदिग्ध रूप से अधिक है। शिकायतकर्ता ने कुर्सियों की कीमतों की तुलनात्मक जांच की मांग भी की है।
टीम गठित कर जांच की मांग
कमलभान चौधरी ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की जाए, ताकि नगरपंचायत में हुए सभी कोटेशन कार्यों की सच्चाई उजागर हो सके।

मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री तक भेजी गई प्रतियां
इस शिकायत की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव, विधायक रेणुका सिंह, संचालक नगरीय प्रशासन रायपुर, और उप संचालक नगरीय प्रशासन अंबिकापुर को भी भेजी गई है, ताकि उच्च स्तर पर भी इस मामले की निगरानी हो सके।
कहना है कि यदि जांच ईमानदारी से की गई तो खोंगापानी नगरपंचायत में पिछले चार वर्षों से चल रहे भ्रष्टाचार के कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
> “सरकारी धन जनता की सेवा के लिए है, निजी तिजोरियों के लिए नहीं” — कमलभान चौधरी
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या वाकई नगरपंचायत खोंगापानी के भ्रष्टाचार की परतें खुल पाती हैं या नहीं।
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