
MCB जिले की शिक्षा व्यवस्था पर कलेक्टर संतन देवी जांगड़े का कड़ा रुख,
समीक्षा बैठक में लगेगी शिक्षा विभाग की “क्लास”
मनेंद्रगढ़।
जिले की कमजोर शैक्षणिक स्थिति को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। प्रदेश स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में पिछड़ते प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा जिले के सभी हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल एवं स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार यह समीक्षा बैठक 15 मई 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक माननीय कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देश पर बुलाई गई है। जिले की शिक्षा व्यवस्था प्रदेश स्तर पर 33वें पायदान तक पहुंचने के बाद प्रशासन अब सीधे जवाबदेही तय करने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शिक्षा के स्तर में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्कूलों के परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों के प्रवेश, मूलभूत सुविधाओं और आगामी शिक्षा सत्र की तैयारियों पर गहन समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और अधिकारियों से जवाब भी मांगा जा सकता है।

बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में समीक्षा बैठक का एजेंडा भी तय किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से –
हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा
आगामी शिक्षा सत्र हेतु कार्ययोजना
पूरक एवं अवसर परीक्षा में शत-प्रतिशत आवेदन सुनिश्चित करना
पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की कोचिंग व्यवस्था
कक्षा 8वीं एवं 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों का अगले कक्षाओं में शत-प्रतिशत प्रवेश
पेयजल, भवन, जर्जर भवनों में कक्ष संचालन, फर्नीचर एवं पुस्तकों की उपलब्धता जैसे मूलभूत विषयों पर चर्चा शामिल है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर प्रशासन का फोकस
बताया जा रहा है कि जिले में लगातार कमजोर परीक्षा परिणाम और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की शिकायतों के बाद कलेक्टर स्वयं शिक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाल ही में विभिन्न विभागों की बैठकों में भी उन्होंने अधिकारियों को कार्य के प्रति संवेदनशीलता और नियमों के प्रति सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे।
अब शिक्षा विभाग की होने वाली इस बड़ी समीक्षा बैठक को लेकर विभागीय अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बैठक में प्रत्येक स्कूल की स्थिति पर अलग-अलग चर्चा हो सकती है और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी संभव है।
जिले के अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस सख्ती से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध हो सकेगा।
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