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छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने एल.बी. संवर्ग शिक्षकों की पेंशन सहित लंबित मांगों पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग
रायपुर।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने एल.बी. (लोकल बॉडी) संवर्ग के शिक्षकों की पेंशन सहित विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि एल.बी. संवर्ग के हजारों शिक्षक पेंशन, पदोन्नति, क्रमोन्नति, टीईटी अनिवार्यता तथा उपस्थिति व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा असर शिक्षण कार्य और शिक्षकों के मनोबल पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि संघ की प्रमुख मांगों में एल.बी. शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति (संविलियन पूर्व सेवा) को पेंशन लाभ में जोड़ना तथा केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पर 50 प्रतिशत पेंशन का प्रावधान शामिल है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में एल.बी. संवर्ग के लिए पुरानी पेंशन संविलियन तिथि 2018 से लागू होने के कारण अनेक शिक्षक जीरो पेंशन पर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अंतिम वेतन 70 से 90 हजार रुपये होने के बावजूद बिना पेंशन गुजारा मुश्किल हो रहा है।
एसोसिएशन ने यह भी मांग की कि पेंशन निर्धारण हेतु न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि के स्थान पर 5 वर्ष का प्रावधान किया जाए, ताकि बिना पेंशन सेवानिवृत्त होने की समस्या का समाधान हो सके।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि राज्य में लगभग 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित हैं। एसोसिएशन की थीम पर पूर्व में दिए गए वन टाइम रिलेक्सेशन की तरह ही क्रमोन्नति में 10 वर्ष की सेवा अवधि को शिथिल कर 5 वर्ष में लाभ दिए जाने की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने यह भी मांग रखी कि वर्ष 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर कर शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित की जाए। इसके अतिरिक्त केवल डी.एड. योग्यता वाले सहायक शिक्षकों के लिए 6 माह का बी.एड. ब्रिज कोर्स एनसीटीई के नियमानुसार प्रारंभ करने और स्कूलों में मोबाइल वीएसके ऐप के स्थान पर बायोमैट्रिक (पंच मशीन) से उपस्थिति दर्ज करने की मांग भी की गई है।
इस अवसर पर प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक ने भी सरकार से शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
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