प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा , फर्जी जियो टैग और मस्टररोल से उड़ाए 9 लाख —
- सरपंच और आवास मित्र पर आपराधिक प्रकरण दर्ज के निर्देश!
13 नवम्बर 2025 —
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत कोथारी में सरकारी योजनाओं की राशि में की गई बड़ी अनियमितता का पर्दाफाश हुआ है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के तहत लाखों रुपये का भुगतान फर्जी दस्तावेजों और जियो टैग के माध्यम से किया गया। इस घोटाले में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती यशोदा सिंह और आवास मित्र श्री राजकुमार यादव की सीधी मिलीभगत सामने आई है।

फर्जी जियो टैग और मस्टररोल से उठाया गया पैसा
जांच रिपोर्ट के अनुसार, सरपंच यशोदा सिंह ने न केवल अपने नाम पर बल्कि अपने परिवार के अपात्र सदस्यों के नाम पर भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले लिया। उन्होंने आवास मित्र राजकुमार यादव की सहायता से फर्जी जियो टैग तैयार करवाए, जिसके आधार पर किस्तों का भुगतान भी जारी कर दिया गया।
इसी तरह आवास मित्र राजकुमार यादव ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को योजना का लाभ दिलाने के लिए चार अपात्र आवास स्वीकृत करवाए, जिनके लिए फर्जी मस्टररोल तैयार कर मनरेगा फंड से मजदूरी भुगतान करवाया गया।
जांच में उजागर हुई हकीकत
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि —
सरपंच यशोदा सिंह द्वारा ₹2,60,276 की राशि का अनुचित उपयोग किया गया।
आवास मित्र राजकुमार यादव द्वारा ₹6,78,563 का दुरुपयोग किया गया।
इस प्रकार कुल ₹9,38,839 (नौ लाख अड़तीस हजार आठ सौ उन्तालीस रुपये) की शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है।
प्रशासन ने दिए आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश संबंधित थाना प्रभारी को जारी किए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह सिद्ध हुआ है कि योजनाओं के तहत जारी राशि का सुनियोजित तरीके से दुरुपयोग और गबन किया गया।
आगे की कार्रवाई जारी
अधिकारियों के अनुसार, यह केवल प्रारंभिक जांच का निष्कर्ष है। पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और इसमें अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी सामने आ सकती है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि दोषियों पर कड़ी प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर मचा हड़कंप
इस खुलासे के बाद ग्राम पंचायत कोथारी समेत आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी की जाए और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा न जाए।
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