रेल हादसे पर भड़के नेता प्रतिपक्ष — बोले, प्रधानमंत्री मोदी दें इस्तीफा, रेल मंत्री के हाथ बंधे हैं
— चरणदास महंत ने सिम्स अस्पताल में घायलों से की मुलाकात, कहा हादसे के आंकड़े छुपा रही है सरकार
बिलासपुर।
मंगलवार को बिलासपुर में हुए दर्दनाक रेल हादसे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सिम्स अस्पताल पहुंचे और हादसे में घायल यात्रियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। घायलों से बातचीत के बाद महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला।
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महंत ने कहा कि रेल हादसों की बढ़ती घटनाओं की जिम्मेदारी सीधे तौर पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है। उन्होंने कहा —
“रेल मंत्री को काम नहीं करने दिया जा रहा है, उनके हाथ बंधे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।”
नेता प्रतिपक्ष ने हादसे को लेकर रेल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हादसे में हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े छिपाए जा रहे हैं ताकि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा न देना पड़े।
महंत ने कहा — “मेरी जानकारी के अनुसार इस हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है, लेकिन सरकार सही आंकड़ा सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन मौत के आंकड़ों को कम दिखाने की कोशिश कर रहा है।”
महंत ने कहा कि रेलवे प्रशासन की प्राथमिकताएं गलत दिशा में हैं। कोयला और खनिजों से लदी मालगाड़ियों को यात्री गाड़ियों की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके कारण हादसों की संभावना लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा — “जब तक रेलवे में मानवीय संवेदना और यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।”
महंत ने मृतकों और घायलों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि जिन यात्रियों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिजनों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
उन्होंने आगे कहा कि रेल हादसे केवल तकनीकी लापरवाही नहीं, बल्कि नीति की विफलता का परिणाम हैं। मोदी सरकार विकास के नाम पर जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष का यह बयान अब राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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