नकली दवा के बाद अब नकली सोनोग्राफी मशीन का मामला — कांग्रेस ने उठाए स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल
मनेंद्रगढ़।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अब नकली दवाइयों के बाद नकली सोनोग्राफी मशीन का मुद्दा गरमाने लगा है।
जिला कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर के जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग लगातार लापरवाही और भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि “छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलने वाला नया उदाहरण सामने आया है। विधानसभा क्षेत्र तखतपुर में भेजी गई सोनोग्राफी मशीन को विभाग ने नकली बताया है। यह स्थिति बेहद गंभीर है क्योंकि यह सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।”

उन्होंने कहा कि यह खुलासा संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र क्रमांक DHS/16/केन्द्रीय/2025, दिनांक 24.10.2025 से हुआ है। इस पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जुलाई 2025 सत्र में विधानसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि “विधानसभा क्षेत्र तखतपुर में भेजी गई सोनोग्राफी मशीन से आज तक एक भी जांच नहीं हुई क्योंकि वह नकली मशीन है।”
कांग्रेस नेता श्रीवास्तव ने कहा कि “यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि सरकारी धन से खरीदी गई मशीनें या तो गैर-मानक हैं या नकली साबित हो रही हैं। इससे सरकार की खरीद प्रक्रिया, पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “राज्य में पहले ही नकली दवाइयों की आपूर्ति को लेकर बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं। अब स्वास्थ्य उपकरणों में भी ऐसी गड़बड़ी उजागर होना यह साबित करता है कि विभाग के भीतर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है।”
जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि “जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
इस पूरे मामले ने अब राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष जहां इसे “भ्रष्टाचार का स्वास्थ्य मॉडल” कह रहा है, वहीं आम जनता यह सवाल पूछ रही है कि अगर सरकारी अस्पतालों में नकली मशीनें लगाई जा रही हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे किया जाए?
![]()
