नकली खोवा, मिठाइयों और मिलावटी दूध पर
योग शिक्षक सतीश उपाध्याय ने कहा_”त्योहार पर ज़हर की मिठास!”
मनेद्रगढ़।
त्योहार के मौसम में जहाँ बाजारों में मिठास घुलनी चाहिए, वहीं अब ज़हर घुलने की आशंका गहराने लगी है। रिटायर्ड शिक्षक एवं योग शिक्षक श्री सतीश उपाध्याय ने सोशल मीडिया पर एक गंभीर सवाल उठाया है — “क्या त्योहार के पहले मनेद्रगढ़ में नकली खोवे की बड़ी खेप उतरने वाली है?”

उन्होंने कहा कि मनेद्रगढ़ की कई डेयरियों में नकली दूध खुलेआम बिक रहा है, कई होटलों में नकली खोवा इस्तेमाल हो रहा है, और अब मिलावटी मिठाइयों की तैयारी जोरों पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे खाद्य पदार्थों से लोगों की किडनी, लीवर और गले पर गहरा असर पड़ रहा है, जिससे कैंसर जैसे गंभीर रोगियों की संख्या में क्षेत्र में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है।

श्री उपाध्याय ने प्रशासन और खाद्य विभाग की निष्क्रियता पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में फूड इंस्पेक्टर ने कई डेयरियों और मिठाई दुकानों से सैंपल जप्त किए, लेकिन अब तक किसी एक भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया —
> “अगर फूड इंस्पेक्टर ईमानदार हैं, दूध डेयरी और मिठाई विक्रेता मिलावट नहीं करते, तो फिर मनेद्रगढ़ के होटलों में नकली खोवा और मिलावटी मिठाइयाँ क्यों बिक रही हैं?”
त्योहारों के समय यह मुद्दा और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि हर घर में यही मिठाई बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी है।
सतीश उपाध्याय ने प्रशासन से मांग की है कि खाद्य विभाग तुरंत क्षेत्र की सभी डेयरियों और मिठाई दुकानों की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से इस तरह का खिलवाड़ बंद हो सके।
> “सावधान! नकली खोवा और मिलावटी मिठाई आपकी मिठास नहीं, आपकी सेहत छीन सकती है।”
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