*मनेन्द्रगढ़ से बड़ी खबर : पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश*

*मनेन्द्रगढ़।*
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कार्यालय से जारी पत्र में ग्राम पंचायत कोथारी के कई अपात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने और लाखों रुपए की राशि फर्जी तरीके से आहरित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

शिकायत का सार
प्राप्त शिकायत और जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत कोथारी में पात्र हितग्राहियों को नजरअंदाज कर, अपात्र लोगों को आवास स्वीकृत कराए गए। इतना ही नहीं, आवास निर्माण कार्य अधूरा होने पर भी MIS पोर्टल में जियो-टैगिंग कर आवास को पूर्ण दिखाकर भुगतान ले लिया गया।

गड़बड़ियों के प्रमुख मामले
1. नारायण सिंह (ID: CH116300820)
द्वितीय किश्त ₹95,000 व मजदूरी ₹8,352 फर्जी भुगतान।
MIS पर झूठा जियो-टैग।
2. गणेश प्रसाद सिंह (ID: CH116303618)
द्वितीय किश्त ₹95,000 व मजदूरी ₹21,924 फर्जी भुगतान।
घर प्लिंथ लेवल पर, लेकिन MIS में पूर्ण आवास का फोटो अपलोड।
पत्नी यशोदा सिंह (ID: CH116557629) को भी अपात्र हितग्राही बनाकर ₹40,000 आहरित।
3. राजकुमार यादव (ID: CH118727551)
तृतीय किश्त ₹1,20,000 व मजदूरी ₹21,924 फर्जी भुगतान।
आवास फाउंडेशन लेवल पर, MIS में पूर्ण दिखाया गया।
पत्नी लक्ष्मनिया (ID: CH118289066) को भी अपात्र हितग्राही बनाकर ₹1,20,000 व मजदूरी ₹23,230 फर्जी भुगतान।
4. सुग्रीव (ID: CH117268393)
द्वितीय किश्त ₹1,20,000 व मजदूरी ₹22,910 फर्जी भुगतान।
पत्नी सुखमंती (ID: CH118288884) को भी अपात्र हितग्राही बनाकर ₹95,000 व मजदूरी ₹12,530।
पुत्र संजय कुमार (ID: CH118288955) को भी ₹95,000 व मजदूरी ₹22,970।
तीनों आवास शुरू न होने के बावजूद MIS पर पूर्ण दिखाए गए।
अधिकारियों पर जिम्मेदारी
इस गड़बड़ी में कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी गई है। पत्र में निम्न को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है—
जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की सीईओ वैशाली सिंह
तत्कालीन प्रभारी विकासखण्ड समन्वयक मनीष कुमार
तकनीकी सहायक साईना बी
डाटा एंट्री ऑपरेटर पंकज शर्मा
ग्राम पंचायत सचिव बबन सिंह
रोजगार सहायक सुखीराम
आवास मित्र रामकुमार यादव
जवाब देने की अंतिम तिथि
सभी संबंधितों को 04 सितंबर 2025 तक अपना प्रतिवेदन (स्पष्टीकरण) अपर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन की सख्ती
पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को भी भेजी गई है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। आमजन सवाल उठा रहे हैं कि जिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए था, उनके हक पर डाका डालकर अपात्र हितग्राही कैसे लाभान्वित हो गए।
![]()
