मिलनपाथरा चेकपोस्ट पर लगाया गया CCTV सिस्टम झोपड़ी में रखा मिलने से आबकारी विभाग पर उठे सवाल —
मिलनपाथरा, मनेन्द्रगढ़
आज सुबह आबकारी विभाग के चेकपोस्ट पर नया सीसीटीवी कैमरा और रिकॉर्डिंग सिस्टम लगने की औपचारिकता हुई, पर स्थानीय लोगों और ड्राइवरों के आरोप ने इस कार्रवाई की सच्चाई पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है। वे कह रहे हैं कि कैमरा तो चेकपोस्ट पर लगाया गया है, लेकिन रिकॉर्डिंग यूनिट/सिस्टम को सुरक्षा व संचालन की अनुकूल जगह न देकर झोपड़ी में रखा गया है
— जिससे निगरानी और प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल उठता है।
घटना की मुख्य बातें:
विभागीय स्रोतों के अनुसार साइट पर कैमरा और रिकॉर्डिंग इकाई इंस्टॉल कर दी गयी है, पर स्थानीय निवासियों और चेकपोस्ट से गुजरने वाले व्यवसायियों का दावा है कि रिकॉर्डिंग सिस्टम को झोपड़ी/अस्थायी संरचना में रखा गया है।

स्थानीय व्यापारियों व राहगीरों का सवाल — क्या यह व्यवस्था कैमरों की रीयल-टाइम निगरानी और विश्वसनीयता पर असर डाल सकती है?
लोग यह भी पूछ रहे हैं: क्या ऐसे कैमरे लगने के बावजूद मध्यप्रदेश की शराब मनेन्द्रगढ़ जिले में अवैध रूप से प्रवेश नहीं करेगी? क्या अब स्टाफ 24×7 अपनी सेवाएँ दे कर पूरी तरह सतर्क रहेगा?
https://youtu.be/x55pKD4LOdM?si=Hgqa2zHlZbbQtEBU
स्थानीय प्रतिक्रिया:
“कैमरा दिखता तो है पर सिस्टम झोपड़ी में रखा है — यह हमें आश्वस्त नहीं करता,” एक ड्राइवर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा। “कागजों पर क्या और जमीन पर क्या — फर्क साफ दिख रहा है।”
आबकारी विभाग से जवाब मांग रहा है:
पत्रकार टीम ने आबकारी विभाग के स्थानीय अधिकारी से टिप्पणी माँगी लेकिन अभी तक आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हुआ। विभाग को चाहिए कि सार्वजनिक धन की यह व्यय-प्रक्रिया पारदर्शी बनाये — रिकॉर्डिंग यूनिट की जगह, इंस्टॉलेशन की फोटो, और निगरानी की वास्तविक कार्यप्रणाली सार्वजनीक रूप से जारी की जाए।
कानूनी और प्रशासनिक पहल:
विधिक विशेषज्ञों के अनुसार यदि सिस्टम असुरक्षित या अनुपयुक्त जगह पर रखा गया है तो यह सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े कर सकता है और संबंधित विभागीय नियमों के तहत जवाबदेही तय करने की मांग उठ सकती है।
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