“वंदे मातरम् के 150 वर्ष — कलेक्टर, अधिकारी और नागरिक एक स्वर में बोले ‘जय मां भारती’”
“राष्ट्रगीत के 150वें वर्ष पर देशभक्ति की लहर — जिलेभर में गूंजा वंदे मातरम्”
एमसीबी/07 नवम्बर 2025 —
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले में आज “वंदे मातरम् स्मरणोत्सव” का भव्य और संवेदनशील आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की श्रृंखला में जनपद पंचायत अमृत सदन सभाकक्ष में आयोजित मुख्य समारोह सबसे प्रभावशाली रहा, जहाँ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी तथा नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और एक सुर में राष्ट्रगीत का संकल्पपूर्वक गायन किया।

मुख्य समारोह की अध्यक्षता कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने की। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् गायन में भाग लेकर की और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता की पहचान है।” कलेक्टर ने नागरिकों से देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के इन भावों को जीवंत रखने का आग्रह किया तथा कहा कि यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, एसडीएम लिंगराज सिदार, जनपद सीईओ सुश्री वैशाली सिंह सहित समस्त विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।

जिला मुख्यालय के प्रांगण में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार के नेतृत्व में भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने एक साथ वंदे मातरम् गाया। जिलाभर के ब्लॉकों—खड़गवां, भरतपुर और मनेंद्रगढ़—में भी जनपद व पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया। भरतपुर क्षेत्र के विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में विद्यार्थियों और कर्मचारियों द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन विशेष रूप से देखने लायक रहा। मनेंद्रगढ़ ब्लॉक के जनपद सभाकक्ष में देशभक्ति गीत, नारे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सीधा प्रसारण था, जिसमें उन्होंने कहा — “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह मां भारती के प्रति आराधना और राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक है।” साथ ही प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर स्मारक डाक टिकट एवं स्मारक सिक्का जारी कराई और घोषणा की कि 7 नवम्बर 2025 से 7 नवम्बर 2026 तक देशव्यापी रूप से इसे “वंदे मातरम् वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री के संदेश के लाइव प्रसारण को उपस्थित नागरिकों ने भावुकता और गर्व के साथ सुना।
स्मरणोत्सव में शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही — कई विद्यालयों के बालक-बालिकाओं ने वंदे मातरम् के साथ ही देशभक्ति पर आधारित कविताएँ, नाट्यांश और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पदयात्रा, ध्वजारोहण व सामूहिक गायन ने विशेष प्रभाव छोड़ा। स्थानीय कलाकारों व सांस्कृतिक मंडलों ने भी भारतीय शास्त्रीय तथा लोक-रागों में राष्ट्रगान की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे कार्यक्रम का शैक्षणिक और सांस्कृतिक पक्ष दोनों जीवंत रहे।
जिले के अधिकारियों ने बताया कि स्मरणोत्सव की सफलता के पीछे जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, तहसील कार्यालयों, एसडीएम कार्यालयों तथा समस्त विभागों का समन्वित प्रयास रहा। आयोजन के दौरान शान्ति एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं। स्वास्थ्य व सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी प्राथमिक व्यवस्थाएँ सतत उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवकों तथा स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी-अपनी भूमिकाओं का उल्लेख किया और कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करते हैं तथा युवाओं में देशभक्ति की भावना बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई वरिष्ठ नागरिकों ने वंदे मातरम् के इतिहास और इसके सामाजिक-राष्ट्रवादी महत्व पर अपने विचार साझा किये।
समापन के समय कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल राष्ट्रीय गीत को सम्मान प्रदान करते हैं, बल्कि सामूहिक चेतना और स्थानीय एकजुटता को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि “वंदे मातरम् वर्ष” के दौरान भी विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जाए।
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